Isaiah 12

Isaiah

Chapter 12

Hindi translation

1और उस दिन तुम कहोगे, हे प्रभु, मैं तेरी स्तुति करता हूँ; क्योंकि यद्यपि तू मुझ पर क्रोधित था, परन्तु तेरा कोप शान्त हुआ, और मैं सान्त्वना पाया हूँ।

2देखो, परमेश्वर ही मेरा उद्धार है; मैं विश्वास करूँगा और भयभीत न होऊँगा; क्योंकि प्रभु यहोवा मेरा बल और मेरा गीत है; और वह मेरा उद्धारकर्ता बन गया है।

3इसलिए तुम आनन्द के साथ उद्धार के सोतों से जल निकालोगे।

4और उस दिन तुम कहोगे, यहोवा की स्तुति करो, उसके नाम की महिमा करो, लोगों में उसके कामों का प्रचार करो, कहो कि उसका नाम महान है।

5यहोवा के लिए गीत गाओ; क्योंकि उसने महान् काम किए हैं; इसे सारी पृथ्वी पर ज्ञात करो।

6हे सिय्योन की पुत्री, जोर से पुकार और आनन्द से गा; क्योंकि इस्राएल का पवित्र महान् है और तेरे बीच में विद्यमान है।

Journal this passage

Reflect on Isaiah 12 with HolyJot — free Scripture journaling available in 18 languages.

Start journaling free

Faith

HolyJot · Scripture companion

Online
Hi there! I'm Faith, your Scripture companion from HolyJot. 😊

I'm here to explore the Word with you, answer questions about the Bible, or help you figure out where to start on your faith journey.

What's on your heart today?

Powered by HolyJot FaithAI · Scripture-grounded